Description given on Youtube:
Grain merchant association president Naresh Kumar Gupta says that the prices of grains will decrease as new crop will come soon.
Most of the grains are imported from Canada, Australia, America, Burma, Maxico, Brazil and other countries in India. If productivity decreases in these grain producer countries, it influences the prices in India also.
पैट्रोल के दाम भले ही कम हो रहे हैं, लेकिन महंगाई अभी काबू में नहीं है। दालों पर इन दिनों फिर महंगाई की मार है। कई दालें दस से पंद्रह पर्सेंट तक महँगी हो गई हैं।
मूँग की धुली हुई दाल अब सौ रूपए का आंकड़ा पार गई है, जो पिछले महीने नब्बे रूपए किलो बिक रही थी, मूँग छिलका भी अब अस्सी से नब्बे रूपए पर पहुँच गई है। अरहर की दाल भी 69 रूपए से 75 रूपए बिक रही है, मसूर की दाल भी बाहत्तर रूपए है, जो पिछले महीने 66 रूपए के भाव बिक रही थी।
उम्मीद है व्यापारियों की बात सही साबित होगी। लेकिन अगर दालों के दाम कम नहीं हुए तो केंद्र में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।